राजस्थान सेवा संवर्ग एवं प्रमोशन पदानुक्रम चार्ट: जानिए किस पद से कहाँ तक हो सकती है पदोन्नति
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते समय या सेवा में आने के बाद यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि आपके पद का प्रमोशन चैनल (Career Ladder) क्या है। जानिए राजस्थान के प्रमुख विभागों—राजस्व, मंत्रालयिक सेवा, शिक्षा, ग्राम विकास एवं पुलिस संवर्ग का संपूर्ण प्रमोशन पदानुक्रम।
विभाग अनुसार प्रमोशन चैनल (Department-wise Ladder)
पटवारी (Patwari)
प्रारंभिक सीधी भर्ती पद (RSMSSB द्वारा चयन)
भू-अभिलेख निरीक्षक / गिरदावर (ILR - Inspector Land Records)
प्रथम पदोन्नति (सामान्यतः 7 से 10 वर्ष की नियमित सेवा व वरिष्ठता आधार पर)
नायब तहसीलदार (Naib Tehsildar)
द्वितीय पदोन्नति (DPC एवं विभागीय अर्हता परीक्षा उत्तीर्ण आधार पर)
तहसीलदार (Tehsildar - RTS Cadre)
तृतीय पदोन्नति (राजपत्रित अधिकारी / RPSC कोटा)
पदोन्नति (DPC) के महत्वपूर्ण नियम एवं शर्तें
1. वरिष्ठता सह योग्यता (Seniority-cum-Merit): राजस्थान सेवा नियमों में अधिकांश संवर्गों में 80% पदोन्नति वरिष्ठता सह योग्यता के आधार पर होती है, जिसमें कनिष्ठता (Juniority) एवं वार्षिक कार्य मूल्यांकन प्रतिवेदन (APAR) संतोषजनक होना अनिवार्य है।
2. अनुभव की अनिवार्यता (Experience Norms): किसी पद से अगले पद पर डीपीसी हेतु न्यूनतम 2 से 5 वर्ष की नियमित संतोषजनक सेवा का अनुभव आवश्यक होता है।
3. ACP / MACP का वित्तीय सुरक्षा चक्र: यदि किसी कर्मचारी को पद रिक्त न होने के कारण 9, 18 अथवा 27 वर्ष तक वास्तविक पदोन्नति नहीं मिल पाती, तो राज्य सरकार उसे स्वतः अगले पे-लेवल का वित्तीय लाभ (ACP) प्रदान करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
क्या पदोन्नति (Promotion) लेने से इंकार (Forego) किया जा सकता है? ▾
हाँ, यदि कोई कर्मचारी पदोन्नति स्वीकार नहीं करना चाहता तो वह लिखित आवेदन दे सकता है। परंतु ऐसा करने पर आगामी वित्तीय लाभ (जैसे ACP) एवं वरिष्ठता पर RSR नियमों के तहत प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
क्या 100-बिंदु आरक्षण रोस्टर पदोन्नति (DPC) में भी लागू होता है? ▾
हाँ, कार्मिक विभाग (DoP) के नियमों के तहत पदोन्नति में SC (16%) एवं ST (12%) वर्गों के लिए आरक्षण रोस्टर रजिस्टर संधारित किया जाता है। सामान्य एवं OBC वर्ग के लिए वरिष्ठता सह मेरिट लागू रहती है।